भू – तल वीथिका

Posted by on Sep 15, 2010 in भूतल वीथिका | Comments Off

भू – तल वीथिका

 

कुल १३१ पुरततविक वस्तुएं प्रदर्शित है जिनमे प्रमुख हैं : बौद्ध  एवं हिन्दू  प्रतिमाएं , वास्तु अवशेष , मृण्मूर्तिया  ,मानव, पशु, पक्छी , खिलौने एवं मनके , धातु के हथियार एवं औजार , पत्थर के दीप एवं बर्तन इत्यादि।

 

 

पीठिका पर प्रदर्शित प्रतिमाएं एवं वास्तु खंड

. गणेशा
. लोकनाथ
. नवग्रह
. तारा
. तारा ( खंडित )
. सयुंक्त सिंह
. सूर्य
. महाकाल
. अवलोकितेश्वर
. वास्तु खंड

 

 

 

गणेशा

• आदि देवता के रूप में प्रतिषिठत
• भगवान शिव एवं पार्वती के पुत्र
• वास्तु अलंकरण हेतु उत्कीर्ण
• चूना पत्थर से निर्मित

 

लोकनाथ

• बौद्ध देवता अवलोकितेश्वर का एक रूप
• पुषिपत कमल पर अद्र्धपर्यंक आसन में विराजमान
• सूक्ष्म विवरण तथा अलंकरण की सुन्दरता उल्लेखनीय
• काले कसौटी ;बेसाल्टद्ध पत्थर से निर्मित

 

नवग्रह

• सौर मंडल के नौ ग्रहों का मानव स्वरूप में चित्रण
• अधोभाग सिथत पटिटका में संबंधित प्रतीक वाहनों का अंकन
• काले कसौटी ;बेसाल्टद्ध पत्थर से निर्मित

 

तारा

• सर्वाधिक लोकप्रिय बौद्ध देवी
• वैभव, समृद्धि एवं पराक्रम की देवी
• वस्त्र एवं आभूषण के सूक्ष्म विवरणों का सुन्दर अंकन
• काले कसौटी ;बेसाल्टद्ध पत्थर से निर्मित

 

तारा ( खंडित )

• वैभव, समृद्धि एवं पराक्रम की बौद्ध देवी
• अधिक उभार युक्त अंकन
• वस्त्र एवं आभूषण के सूक्ष्म विवरणों का सुन्दर अंकन
• पुषिपत कमल पर अद्र्धपर्यंक आसन में विराजमान
• विशेष चमक युक्त
• काले कसौटी ;बेसाल्टद्ध पत्थर से  निर्मित

 

सयुंक्त सिंह

• एक मस्तक के साथ संयुä दो शरीर के रूप में शिलिपत सिंह
• वास्तु निर्माण में अलंकरण हेतु शिलिपत
• काले कसौटी ;बेसाल्टद्ध पत्थर से निर्मित

 

सूर्य

• मानव जीवन के स्त्रोत प्राकृतिक प्रकाश बल का  मानव रूप में अंकन
• अंधकार का विध्वंसक
• दोनों हाथों में पूर्ण पुषिपत कमल के साथ खड़े तथा  उंचा जूता पहने हुए
• चूना पत्थर से निर्मित

 

महाकाल

• शत्रुओं के विनाशक के रूप में आराध्य तांत्रिक  कर्मकाण्ड के रौद्र देवता
• खुले मुख, बड़े दांत तथा बढ़ी हुर्इ दाढ़ी व मूछों  के साथ उन्नतोदर वामन के रूप में शिलिपत
• चार हाथों में शंख, कपाल, त्रिशूल व कटोरा तथा  गले में नरमुण्ड की माला धारण किये हुए
• काले कसौटी ;बेसाल्टद्ध पत्थर से निर्मित

 

अवलोकितेश्वर

• सर्वाधिक लोकप्रिय बौद्ध देवता
• संसार का सभी दिशाओं से अवलोकन करने वाले  देव
• कमल पुष्प की लता पकड़े हुए अंकित
• काले कसौटी ;बेसाल्टद्ध पत्थर से निर्मित

 

 वास्तु खंड

 

• पूर्वी भित्ति  मंजूषा

• बौद्ध तथा हिन्दू धर्मों के विभिन्न देवी देवताओं की मूर्तियां
• बौद्ध प्रतिमाओं में प्रमुख हैं : बुद्ध-मस्तक, अवलोकितेश्वर का मस्तक, अवलोकितेश्वर का धड़, मारिची, इत्यादि
• हिन्दू प्रतिमाओं में मुख्यत: गणेश एवं विष्णु की मूर्तियां
• काले कसौटी ;बेसाल्टद्ध, लाल एवं चूना पत्थरों इत्यादि माध्यमों में उत्कीर्ण प्रतिमाएं

 

पषिचमी भित्ती  मंजूषा

• मृण्मय कलाकृतियां प्रदर्शित
• मनके, झुनझुने, झुमके, छिदि्रत पात्र, मंदिर शिखर, पशु ;सिंह, कछुआ, कुŸाा, घडि़याल
तथा हाथीद्धए पक्षी ;उल्लूद्धए इत्यादि

 

• दक्षिणी भित्ती  मंजूषा

• विभिन्न मृण्मय कलाकृतियों का संग्रह
• मानव मस्तक एवं धड़ ;पुरूष एवं नारी, भूमिस्पर्श मुद्रा में बुद्ध, गणेश प्रतिमा, मृण्मय
सांचा जिसमें स्तूप, मनौती स्तूप समूह, बुद्ध एवं बौद्ध पंथ का अंकन है

.

• केन्द्रीय मेज मंजूषा

• विभिन्न माध्यमों यथा पत्थर, लोहा एवं मृण्मय कलाकृतियां
• मृण्मय वस्तुओं में मनके तथा चक्के
• पाषाण वस्तुओं में दीप तथा कटोरे
• लौह वस्तुओं में खंजर, तलवार, हंसुआ, कुल्हाड़ी, कांटी तथा अंगूठी